पंजाब पुलिस ने राज्य के तरनतारन ज़िले से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है जो पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी कर रहा था। यह कार्रवाई “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत की गई, जिसमें भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने ISI समर्थित नेटवर्क को ध्वस्त करने का अभियान चलाया।
🔍 गिरफ्तारी:
पकड़े गए आरोपी की पहचान अब तक गुप्त रखी गई है, लेकिन सूत्रों के अनुसार वह भारतीय सेना की गतिविधियों, उनके मूवमेंट, सेना के बेस और पुलिस स्टेशनों से जुड़ी गोपनीय जानकारी पाकिस्तान भेज रहा था। जांच में सामने आया है कि वह खालिस्तानी अलगाववादी नेता गोपाल सिंह चावला के संपर्क में था, जो पाकिस्तान में रहते हुए ISI के लिए काम करता है।
📱 डिजिटल सबूत मिले:
- आरोपी के मोबाइल फोन से व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ISI एजेंट्स के साथ बातचीत मिली।
- उसने फोटो, वीडियो और दस्तावेजों के ज़रिए संवेदनशील जानकारियाँ भेजीं।
- लोकेशन ट्रैकिंग और कॉल रिकॉर्ड्स से भी पुष्टि हुई कि वह सीमापार एजेंसियों के संपर्क में था।
🧠 ऑपरेशन सिंदूर क्या है?
“ऑपरेशन सिंदूर” पंजाब पुलिस और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों का एक विशेष अभियान है, जिसका उद्देश्य ISI समर्थित जासूसी नेटवर्क और आतंकी मॉड्यूल्स को नष्ट करना है। इस ऑपरेशन के तहत अब तक कई संदिग्धों की पहचान की जा चुकी है।
🕵️♂️ अन्य गिरफ्तारी भी हुई:
इसी दौरान पंजाब के अमृतसर में बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) से जुड़े दो और लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है। उनके पास से हथियार और गोपनीय दस्तावेज बरामद हुए हैं। माना जा रहा है कि ये सभी एक ही नेटवर्क का हिस्सा थे और पाकिस्तान के इशारों पर भारत में अस्थिरता फैलाने की साज़िश कर रहे थे।
⚠️ राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा:
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पाकिस्तान की ISI भारत के अंदर सक्रिय होकर खुफिया जानकारियाँ इकट्ठा करने और अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर रही है। पंजाब जैसे सीमावर्ती राज्य इस गतिविधि के लिए आसान लक्ष्य बनते हैं, खासकर जब स्थानीय तत्व उनकी मदद करने को तैयार हों।


