बिहार,
बिहार के लाल आकाशदीप ने क्रिकेट इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ते हुए इंग्लैंड के खिलाफ अपने डेब्यू टेस्ट में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 10 विकेट झटके और भारत को यादगार जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
इस ऐतिहासिक जीत को एक खास मायने इसलिए भी मिल गया क्योंकि आकाशदीप के परदादा बाबू निशान सिंह 1858 में भारत की आज़ादी की पहली लड़ाई में अंग्रेजों से लड़ते हुए शहीद हुए थे। अब लगभग 167 साल बाद उनके वंशज ने इंग्लैंड को खेल के मैदान पर हराकर जैसे इतिहास को एक नया मोड़ दे दिया।
इंग्लैंड के खिलाफ ही टेस्ट टीम में किया डेब्यू:
फरवरी 2024 में इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी तीन टेस्ट मैच के लिए जब भारतीय टीम की घोषणा हुई, तो उसमें आकाशदीप का भी नाम था। 17 सदस्यीय टीम इंडिया में 27 साल के आकाशदीप पहली बार भारतीय टेस्ट टीम के लिए चुने गए थे। इंग्लैंड के खिलाफ 23 फरवरी 2024 को रांची में खेले गए चौथे टेस्ट की पहली पारी के पहले ही सेशन में उन्होंने टाप आर्डर अंग्रेज बल्लेबाजों को आउट कर सनसनी मचा दी थी।
इस बार जसप्रीत बुमराह की जगह टीम में शामिल किए गए आकाशदीप ने दोनों पारियों में मिलाकर 10 विकेट झटके और मैच के हीरो बन गए। पहली पारी में जहां उन्होंने चार विकेट लिए, वहीं दूसरी पारी में शानदार गेंदबाजी का कहर बरपाते हुए छह विकेट लेकर इंग्लैंड की कमर तोड़ दी।
क्या कहते हैं लोग?
आकाशदीप के स्वजन श्यामलाल सिंह कहते हैं कि उनकी इस ऐतिहासिक सफलता पर पूरे जिले में खुशी का माहौल है। आज आकाश पूरे देश के गौरव बन चुके हैं। उनके रिश्तेदार बैरियां गांव निवासी बीएस कॉलेज के व्याख्याता प्रो. उमेश कुमार सिंह कहते हैं कि आकाश ने आपने नाम को सार्थक किया है। उनके इस प्रदर्शन की चारों ओर सराहना हो रही है।


