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    बड़नगर में प्रशासन की अनदेखी, मछली पालन तालाब पर अवैध कब्जे का आरोप

    बड़नगर (उज्जैन): बड़नगर तहसील के ग्राम बंगरेड़ में मछली पालन के लिए पट्टे पर दिए गए हिंगोणी तालाब पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। मत्स्य पालक महेश चौहान ने आरोप लगाया है कि गांव के ही वरदीचंद्र बागरी तालाब की पाल को क्षतिग्रस्त कर अवैध तरीके से मकान निर्माण कर रहे हैं, जिससे तालाब को भारी नुकसान पहुंच रहा है और मछलियों के मरने का खतरा बना हुआ है।

    महेश चौहान ने तहसीलदार, एसडीएम और पटवारी को लिखित शिकायत दी, लेकिन प्रशासन ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। महेश का कहना है कि उन्होंने बार-बार अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन उनकी शिकायत को अनसुना कर दिया गया।

    शिकायतें फर्जी तरीके से बंद
    महेश चौहान ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत क्रमांक 29331637 (14 अक्टूबर 2024) और 29341295 (15 अक्टूबर 2024) दर्ज करवाई थी। उनका आरोप है कि इन शिकायतों को बिना किसी उचित जांच के फर्जी तरीके से बंद कर दिया गया।

    प्रशासन से मांग

    तालाब का सीमांकन करवाया जाए और अवैध निर्माण तुरंत रोका जाए।

    तालाब के चारों ओर तार फेंसिंग करवाई जाए ताकि भविष्य में कोई अतिक्रमण न हो।

    संबंधित अधिकारियों की लापरवाही की जांच हो और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

    महेश ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि तहसीलदार ने मुझे जबरन अपनी शिकायत बंद करने के लिए दबाव बनाया परंतु मैं शिकायत बंद नहीं की तो उन्होंने फर्जी तरीके से शिकायत बंद करवा दी।

    अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है या फिर यह मामला भी अनसुना ही रह जाता है।

    मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई, प्रशासन की उदासीनता से मछली पालक परेशान

    उज्जैन: जिले के बड़नगर तहसील के ग्राम बंगरेड़ निवासी महेश चौहान को मछली पालन व्यवसाय में लगातार अवैध निर्माण, चोरी और नुकसान झेलना पड़ रहा है, लेकिन प्रशासन उनकी शिकायतों को अनदेखा कर रहा है।

    महेश चौहान ने मुख्यमंत्री पोर्टल (शिकायत संख्या: 29331637, 29341295) पर शिकायत दर्ज कराई थी कि ग्राम के ही वरदीचंद्र बागरी ने हिंगोणी मत्स्य पालन तालाब की पाल को क्षतिग्रस्त कर अवैध रूप से मकान निर्माण शुरू कर दिया है। उन्होंने जब इसका विरोध किया तो उनके साथ विवाद और मारपीट करने की धमकी दी गई।

    महेश चौहान ने बताया कि तालाब की पाल टूटने से पानी बहने लगेगा और मछलियाँ मर सकती हैं, जिससे भारी आर्थिक नुकसान होगा। इसके अलावा, उनके खेत से फसल और ट्यूबवेल के तार भी चोरी हो चुके हैं। उन्होंने प्रशासन से तालाब का सीमांकन करवाने और तारबंदी कराने की मांग की थी, लेकिन शिकायतें फर्जी तरीके से बंद कर दी गईं।

    मंत्री और कलेक्टर से की न्याय की गुहार

    महेश चौहान ने कलेक्टर उज्जैन और मत्स्य पालन विभाग को दोबारा शिकायत भेजकर जल्द कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द कदम नहीं उठाया गया, तो वह उच्च अधिकारियों और न्यायालय का रुख करेंगे।

    प्रशासन की लापरवाही से बढ़ रही अवैध गतिविधियाँ

    ग्रामीणों का कहना है कि अगर प्रशासन समय पर हस्तक्षेप नहीं करेगा, तो क्षेत्र में अवैध कब्जों और अराजकता की घटनाएं और बढ़ सकती हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले पर क्या कार्रवाई करता है।

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