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    मोबाइल गेम और जैन

    अलंकार जैन
    सदस्य जिला बाल कल्याण समिति भोपाल
    9174775777

    हर तरह के (हिंसक, जुआनुमा, अश्लील या अत्यधिक व्यसनकारी) मोबाइल गेम्स खेलने से बच्चों की भावनाएँ, संस्कार और मानसिक संरचना दूषित हो सकती है। इसे मनोवैज्ञानिक प्रभावों और जैन दर्शन—दोनों दृष्टियों से क्रमबद्ध रूप में समझना अधिक स्पष्ट होगा।

    1. अहिंसा की भावना का क्षय कैसे होता है:
      • गेम में बार-बार मारना, गोली चलाना, कुचलना, जीत के लिए हत्या करना सामान्य बन जाता है।
      • बच्चा यह सीखता है कि हिंसा सफलता का साधन है।
      • संवेदनशीलता (Sensitivity) धीरे-धीरे कम हो जाती है।

    परिणाम:
    • दूसरों के दुःख के प्रति करुणा घटती है।
    • चिड़चिड़ापन, गुस्सा और आक्रामक व्यवहार बढ़ता है।
    • वास्तविक जीवन में लड़ाई-झगड़े की प्रवृत्ति बनती है।

    जैन दृष्टि:
    अहिंसा केवल कर्म नहीं, भाव (मन) से भी होती है। मन में हिंसा का अभ्यास भी हिंसा ही है।

    1. भावनात्मक शुद्धता का ह्रास

    कैसे होता है:
    • गेम्स में डर, बदला, क्रूरता, लालच, प्रतिस्पर्धात्मक घृणा भरी होती है।
    • बार-बार ऐसे भावों के संपर्क से वही भाव मन में स्थायी संस्कार बन जाते हैं।

    परिणाम:
    • दया, क्षमा, सहनशीलता जैसे गुण कमजोर पड़ते हैं।
    • बच्चा हार स्वीकार नहीं कर पाता।
    • आत्मकेंद्रित सोच बढ़ती है।

    जैन सिद्धांत:
    “जैसे भाव, वैसे कर्म; जैसे कर्म, वैसा संस्कार।”

    1. लोभ और अपरिग्रह का नाश

    कैसे होता है:
    • इन-गेम रिवॉर्ड, स्किन, लेवल, रैंक, पैसे खर्च करने का लालच।
    • जीतने की भूख, “और चाहिए” की भावना।

    परिणाम:
    • संतोष की भावना समाप्त होने लगती है।
    • बच्चा हर चीज़ में तुरंत फल चाहता है।
    • खर्च करने की आदत, जिद और असंतुलन।

    जैन दर्शन:
    अपरिग्रह का अर्थ केवल वस्तुओं का त्याग नहीं, इच्छाओं का संयम है।

    1. ब्रह्मचर्य और मानसिक पवित्रता पर प्रभाव

    कैसे होता है:
    • कुछ गेम्स में अश्लील पात्र, संवाद, संकेत।
    • कम उम्र में ही अप्राकृतिक जिज्ञासा जागृत होती है।

    परिणाम:
    • ध्यान भंग, पढ़ाई में अरुचि।
    • कल्पनाएँ दूषित होना।
    • लज्जा और सरलता का ह्रास।

    1. समय और चेतना की हिंसा

    कैसे होता है:
    • घंटों स्क्रीन पर जमे रहना।
    • नींद, पढ़ाई, परिवार, पूजा—सब पीछे छूट जाते हैं।

    परिणाम:
    • चिड़चिड़ापन, अकेलापन।
    • माता-पिता से दूरी।
    • आत्मनियंत्रण की कमी।

    जैन दृष्टि:
    समय की हिंसा = आत्मा की हिंसा।

    1. यथार्थ से पलायन

    कैसे होता है:
    • बच्चा वास्तविक समस्याओं से भागकर गेम की दुनिया में जीने लगता है।

    परिणाम:
    • जिम्मेदारी से डर।
    • आत्मविश्वास कमजोर।
    • वास्तविक जीवन में संघर्ष करने की क्षमता घटती है।

    जैन धर्म के मूल सिद्धांत—अहिंसा, अपरिग्रह, सत्य, ब्रह्मचर्य और अस्तेय—के संदर्भ में कई लोकप्रिय मोबाइल गेम्स इन मूल्यों के अनुरूप नहीं माने जाते। नीचे श्रेणियों सहित उदाहरणात्मक सूची दी जा रही है, ताकि कारण स्पष्ट रहें:

    1. हिंसा आधारित (अहिंसा के विरुद्ध)

    इन गेम्स में हत्या, मारपीट, युद्ध या जीवों को नुकसान मुख्य तत्व होता है।
    • PUBG / BGMI
    • Call of Duty Mobile
    • Free Fire
    • Fortnite
    • Apex Legends
    • World of Tanks
    • Shadow Fight सीरीज़
    • Mortal Kombat Mobile

    कारण: प्रत्यक्ष हिंसा, हत्या को मनोरंजन बनाना।

    1. शिकार व पशु-हिंसा वाले गेम्स

    जहाँ पशुओं/पक्षियों की हत्या या पीड़ा दिखाई जाती है।
    • Hunting Clash
    • Deer Hunter
    • Fishing Clash
    • Wild Hunt

    कारण: त्रस जीवों की हिंसा।

    1. जुआ / सट्टा आधारित गेम्स (अपरिग्रह व सत्य के विरुद्ध)

    लालच, धन-आसक्ति और धोखे को बढ़ावा देते हैं।
    • Teen Patti
    • Rummy (Real Money Apps)
    • Poker Apps
    • Casino Games
    • Ludo King (Money / Bet Mode)

    कारण: लोभ, धन के प्रति आसक्ति, मानसिक अशांति।

    1. अत्यधिक व्यसनकारी (अपरिग्रह व संयम के विरुद्ध)

    जो समय, ध्यान और मानसिक शांति छीन लेते हैं।
    • Clash of Clans
    • Clash Royale
    • Candy Crush (Excessive Play)
    • Coin Master
    • Subway Surfers (Addictive Pattern)

    कारण: समय की हिंसा, असंयम, मानसिक आसक्ति।

    1. अश्लीलता / अनुचित दृश्य या भाषा वाले गेम्स

    ब्रह्मचर्य व मानसिक पवित्रता के विरुद्ध।
    • GTA Series
    • Episodes / Choices (कुछ स्टोरी मोड्स)
    • Summertime Saga (Explicit Content)

    कारण: कामोत्तेजक दृश्य, भाषा व कथानक।

    1. छल, चोरी या अनैतिक रणनीति सिखाने वाले गेम्स

    अस्तेय और सत्य के विरुद्ध
    • Robbery Bob
    • Thief Simulator
    • GTA (Theft & Crime Focus)

    कारण: चोरी, धोखा, अपराध को सामान्य दिखाना।

    निष्कर्ष (संक्षेप में)

    मन – में क्रोध, लोभ, असंयम
    भाव – करुणा में कमी
    संस्कार – हिंसा सामान्य लगना
    व्यवहार – आक्रामकता, जिद
    आत्मा – भाव-हिंसा से बंधन

    जैन दृष्टिकोण से सार

    “मोबाइल गेम केवल उँगलियों से नहीं खेले जाते, वे मन और भाव से खेले जाते हैं — और वही भाव आत्मा के साथ जुड़ जाते हैं।”

    इसी कारण जैन आचार्य बाल्यावस्था में शुद्ध मनोरंजन, संयमित तकनीक और सत्संस्कार पर बल देते हैं।

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