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    शोहरत के लिए तरसा 9 साल, अब ‘दीवानियत’ दिखाकर बनाया लड़कियों को दीवाना, कभी 10 रुपये की दिहाड़ी पर करता था काम

    फिल्मों में आना और अपनी धाक जमा पाना आसान नहीं। इसके पीछे कई सालों की कड़ी मेहनत लगती है। कई ठोकरों के बाद सितारों को सफलता हाथ लगती है। ऐसी ही कहानी है ‘एक दीवाने की दीवानियत’ फेम एक्टर की, जिन्होंने शोहरत पाने के लिए कई सालों तक इंतजार किया।

    बॉलीवुड की चमक-दमक के पीछे कितनी मेहनत और संघर्ष छिपा होता है, यह बात हर किसी को नहीं पता। यहां कई ऐसे सितारे हैं जिन्होंने बिना किसी गॉडफादर, पहचान या रिश्तेदारी के अपने दम पर नाम कमाया। उन्हीं में से एक हैं हर्षवर्धन राणे। वह एक्टर जिसने कभी 10 रुपये की दिहाड़ी पर काम किया और आज करोड़ों की कमाई कर रहा है। हाल ही में रिलीज हुई उनकी फिल्म ‘एक दीवाने की दीवानियत’ बॉक्स ऑफिस पर धूम मचा रही है। ये फिल्म रिलीज के चार दिनों में ही बजट निकालते हुए ब्लॉकबस्टर बन गई और अभी भी सिनेमाघरों में टिकी हुई है और जमकर कमाई कर रही है।

    बचपन में ही घर छोड़ दिया था
    आंध्र प्रदेश के राजामहेंद्रम में जन्मे और ग्वालियर में पले-बढ़े हर्षवर्धन राणे एक मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता पेशे से डॉक्टर थे, लेकिन हर्षवर्धन को सफेद कोट पहनने में कोई दिलचस्पी नहीं थी। उनका सपना था कैमरे के सामने खड़ा होना। यही जुनून उन्हें महज 16 साल की उम्र में घर छोड़ने पर मजबूर कर गया। जेब में सिर्फ 200 रुपये और आंखों में सितारों जैसा सपना लेकर वह दिल्ली पहुंच गए। यही से उनकी जिंदगी ने करवट ली।

    10 रुपये की दिहाड़ी से शुरू हुआ सफर
    दिल्ली में शुरुआत बेहद मुश्किल थी। हर्षवर्धन ने पेट भरने के लिए हर वो काम किया जो हाथ लगा। उन्होंने एक हॉस्टल की मेस में वेटर का काम किया, फिर एक एसटीडी बूथ पर रजिस्टर लिखने का काम मिला, जिसके लिए रोजाना सिर्फ 10 रुपये मिलते थे। बाद में वही काम उन्हें एक कैफे में 20 रुपये में करने का मौका मिला। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया, ‘सबसे बड़ी जंग थी खाने और नहाने की। न पैसे थे, न जगह। एक ही कमरे में चार-पांच मजदूरों के साथ सोता था। कभी साबुन पर किसी और के बाल चिपके मिलते थे तो कभी डियोड्रेंट ढूंढने की जद्दोजहद करनी पड़ती थी।’

    संघर्ष से मिला पहला मौका
    कई सालों तक यह सिलसिला चलता रहा, लेकिन हर्षवर्धन ने कभी हार नहीं मानी। एक वक्त ऐसा भी आया जब उन्होंने डिलीवरी बॉय का भी काम किया। एक्टर ने खुद बताया कि एक बार वो हेलमेट डिलीवरी करने के लिए गए थे और जब दरवाजे पर पहुंचे तो पता चला कि ये जॉन अब्राहम के लिए है, उनकी मैनेजर ने हेलमेट लिया और इंतजार करने के लिए कहा। एक्टर कहते हैं कि उन्हें इस दौरान डर भी लगा कि कहीं वो कुछ गलती तो नहीं कर दिए। फिर जॉन बाहर आए और उन्होंने थैक्यू कहा। वहां से दोनों के बीच दोस्ती की शुरुआत हुई और 20 साल से दोनों जानते हैं और जॉन हर मोड़ पर हर्षवर्धन का साथ देते हैं और उन्हें सही राय भी।

    कैसे हुई शुरुआत?
    वैसे इन्हीं ठोकरों के बीच आखिरकार किस्मत ने मुंबई में हर्षवर्धन का साथ दिया। उन्हें टीवी शो लेफ्ट राइट लेफ्ट से पहला ब्रेक मिला। इसके बाद करीब आठ साल तक संघर्ष और छोटे-छोटे रोल निभाने के बाद उन्होंने फिल्म ‘थकिता थकिता’ से बड़े पर्दे पर डेब्यू किया। वहीं से उनके करियर ने रफ्तार पकड़ी। कभी 10 रुपये के लिए दिनभर मेहनत करने वाले हर्षवर्धन राणे आज करोड़ों के मालिक हैं। उनकी हालिया रिलीज हुई फिल्म शानदार कमाई कर रही। फिल्म ने 12 दिनों में 80 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर ली है।

    कैसे 8 साल बाद हिट हुई फिल्म?
    बता दें, ‘सनम तेरी कसम’ में एक्टर ने शानदार काम किया था, लेकिन 9 साल पहले रिलीज हुई ये फिल्म फ्लॉप हो गई। बीते साल आए री-रिलीज के दौर में इस फिल्म को दोबारा पर्दे पर उतारा गया और इसे देखने वालों की भीड़ लग गई और फिल्म ने 50 करोड़ से ज्यादा की कमाई की और सुपरहिट कल्ट बन गई। 9 साल एक्टर की जिंदगी में स्ट्रगल चलता रहा इस बीच वो कई फिल्मों में नजर आए, लेकिन उन्हें वो पहचान नहीं मिली जिसके वो हकदार थे। अब ‘दीवानियत’ की सफलता से उन्हें बड़ी उम्मीदें हैं।

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